निहाल सिंह वालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
जोरा सिंह (SAD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 40.9% वोट पाकर निहाल सिंह वाला सीट जीती और सग्गर सिंह (CPI) को 3,572 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 101 फूल थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 101 सुनाम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जोरा सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 22,38340.9% |
| 2 | सग्गर सिंह वाम दल | वाम दल | 18,81134.4% |
| 3 | प्रकाश कौर | 13,49324.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD, CPI और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निहाल सिंह वाला से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; SAD ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 65.6% से घटकर 64.6% रह गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।