निहाल सिंह वालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
अजीत सिंह (निर्दलीय) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 39.7% वोट पाकर निहाल सिंह वाला सीट जीती और जरनैल सिंह (SAD) को 1,632 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 101 फूल थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 101 सुनाम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
निहाल सिंह वाला का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,632 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 38,23639.7% |
| 2 | जरनैल सिंह NDA | NDA | 36,60438.0% |
| 3 | बाबू सिंह UPA | UPA | 12,40112.9% |
| 4 | मंजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8584.0% |
| 5 | गुरचरन सिंह LBP | LBP | 2,7972.9% |
| 6 | केवल सिंह | 1,7461.8% | |
| 7 | सेवक सिंह BSP(A) | BSP(A) | 5970.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निहाल सिंह वाला से कौन जीता, 1977–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 65.4% से बढ़कर 76.5% हो गया।