पठानकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
मोहन लाल (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 64.5% वोट पाकर पठानकोट सीट जीती और राम स्वरूप बागची (INC) को 17,028 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 10 फिरोजपुर कैंट थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 10 डेरा बाबा नानक है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहन लाल 31.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहन लाल | 34,79364.5% | |
| 2 | राम स्वरूप बागची | 17,76533.0% | |
| 3 | रतन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 8531.6% |
| 4 | रमन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.4% |
| 5 | बचित्तर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.2% |
| 6 | आजाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 860.2% |
| 7 | कान्ति प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पठानकोट से कौन जीता, 1977–2007
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 61.1% से बढ़कर 70.2% हो गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।