पठानकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
मास्टर मोहन लाल (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 42.3% वोट पाकर पठानकोट सीट जीती और अशोक शर्मा (INC) को 8,535 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 10 फिरोजपुर कैंट थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 10 डेरा बाबा नानक है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मास्टर मोहन लाल BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 43,71742.3% |
| 2 | अशोक शर्मा UPA | UPA | 35,18234.0% |
| 3 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 17,95717.4% |
| 4 | कृष्ण लाल मेहता | 4,4894.3% | |
| 5 | ओम शंकर जैदका UPA | UPA | 7900.8% |
| 6 | मंजू गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 6980.7% |
| 7 | अमित अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5270.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पठानकोट से कौन जीता, 1977–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1997 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 64.4% से बढ़कर 73.4% हो गया।