ब्रजराजनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
अनूप कुमार साय (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 39.1% वोट पाकर ब्रजराजनगर सीट जीती और सुरेश पुजारी (BJP) को 1,146 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 129 क्योन्झर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 129 सोरडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
ब्रजराजनगर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,146 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनूप कुमार साय INC-JMM-OGP (UPA गठबंधन) | INC-JMM-OGP (UPA गठबंधन) | 40,40739.1% |
| 2 | सुरेश पुजारी NDA | NDA | 39,26138.0% |
| 3 | राधारानी पंडा निर्दलीय | निर्दलीय | 14,73114.3% |
| 4 | केशव साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9812.9% |
| 5 | सुशीला तांडी | 2,3942.3% | |
| 6 | मनोज कुमार अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3501.3% |
| 7 | सीताराम रूंगटा KSP | KSP | 8780.8% |
| 8 | गुणनिधि बारिक निर्दलीय | निर्दलीय | 7020.7% |
| 9 | नरोत्तम बुडा निर्दलीय | निर्दलीय | 5550.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ब्रजराजनगर से कौन जीता, 1974–2004
INC ने 2000 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.8% से घटकर 39.1% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 51.5% से बढ़कर 61.4% हो गया।
- 1974प्रसन्न कुमार पंडा (CPI), जीत का अंतर 49.1%
- 1977उपेन्द्र दीक्षित (INC), जीत का अंतर 9.0%
- 1980उपेन्द्र दीक्षित (INC(I)), जीत का अंतर 18.8%
- 1985प्रसन्नकुमार पंडा (CPI), जीत का अंतर 4.4%
- 1990प्रसन्न कुमार पंडा (CPI), जीत का अंतर 34.6%
- 1995प्रसन्न कुमार पंडा (CPI), जीत का अंतर 3.0%
- 2000अनूप कुमार साय (INC), जीत का अंतर 11.4%
- 2004अनूप कुमार साय (INC), जीत का अंतर 1.1%