ब्रजराजनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
प्रसन्न कुमार पंडा (CPI) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 32.4% वोट पाकर ब्रजराजनगर सीट जीती और भवानी शंकर दीक्षित (INC) को 3,057 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 129 क्योन्झर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 129 सोरडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। प्रसन्न कुमार पंडा 3.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रसन्न कुमार पंडा वाम दल | वाम दल | 33,22332.4% |
| 2 | भवानी शंकर दीक्षित | 30,16629.4% | |
| 3 | राधा रानी पंडा जनता दल | जनता दल | 23,85823.3% |
| 4 | एस.सी. मोहन्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 8,8588.6% |
| 5 | मगन लाल बेहेरा | 2,5532.5% | |
| 6 | किरण शंकर पंडा | 1,7421.7% | |
| 7 | बी.के. पट्टनायक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2571.2% |
| 8 | पीताबास बाग निर्दलीय | निर्दलीय | 7380.7% |
| 9 | जुगल किशोर गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ब्रजराजनगर से कौन जीता, 1974–2004
CPI ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 60.8% से घटकर 32.4% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 54.1% से बढ़कर 67.0% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974प्रसन्न कुमार पंडा (CPI), जीत का अंतर 49.1%
- 1977उपेन्द्र दीक्षित (INC), जीत का अंतर 9.0%
- 1980उपेन्द्र दीक्षित (INC(I)), जीत का अंतर 18.8%
- 1985प्रसन्नकुमार पंडा (CPI), जीत का अंतर 4.4%
- 1990प्रसन्न कुमार पंडा (CPI), जीत का अंतर 34.6%
- 1995प्रसन्न कुमार पंडा (CPI), जीत का अंतर 3.0%
- 2000अनूप कुमार साय (INC), जीत का अंतर 11.4%
- 2004अनूप कुमार साय (INC), जीत का अंतर 1.1%