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ओडिशा · विधान सभा सीट नंबर 112SC आरक्षित

सोनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004

बिनोद पात्र (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर सोनपुर सीट जीती और कुंदूरु कुशल (BJD) को 679 वोटों से हराया।

1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 112 भटली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 112 भुवनेश्वर मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

बिनोद पात्र
INC· INC-JMM-OGP (UPA गठबंधन)
INC 42.1%BJD 41.5%3 अन्य 16.4%
मिले वोट
46,655
मतों का 42.1%
जीत का अंतर
679
कुल वोटों का 0.6%
उम्मीदवार
5
मतदान प्रतिशत
65.5%
1,69,310 मतदाताओं में से

सोनपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 679 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

5 उम्मीदवार

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#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
बिनोद पात्र
INC-JMM-OGP (UPA गठबंधन)
INC-JMM-OGP (UPA गठबंधन)
46,65542.1%
2
कुंदूरु कुशल
45,97641.5%
3
आनंदा बारिक
निर्दलीय
निर्दलीय
9,8628.9%
4
हरेकृष्ण सर्वांगिया
निर्दलीय
निर्दलीय
4,9944.5%
5
प्राणबंधु बारिक
3,3583.0%

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
0.6%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
65%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

INC, BJD और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
147 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 74

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
42.1%INC की जीत
INC 42.1%BJD 41.5%निर्दलीय 8.9%अन्य 7.5%

यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

सोनपुर से कौन जीता, 1974–2004

INC ने यह सीट BJD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 50.1% से बढ़कर 65.5% हो गया।

  1. 1974दौलत बाघ (SWA), जीत का अंतर 7.4%
  2. 1977देबराज सेठ (JNP), जीत का अंतर 4.2%
  3. 1980धनेश्वर कुंभार (INC(I)), जीत का अंतर 50.9%
  4. 1985अच्युत बिस्वाल (INC), जीत का अंतर 44.6%
  5. 1990कुंदूरु कुशल (JD), जीत का अंतर 26.1%
  6. 1995कुंदूरु कुशल (JD), जीत का अंतर 9.9%
  7. 2000कुंदूरु कुशल (BJD), जीत का अंतर 7.9%
  8. 2004बिनोद पात्र (INC), जीत का अंतर 0.6%