सोनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
कुंदूरु कुशल (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 42.3% वोट पाकर सोनपुर सीट जीती और गोपिनाथ हरपाल (INC) को 10,301 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 112 भटली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 112 भुवनेश्वर मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुंदूरु कुशल जनता दल | जनता दल | 43,99342.3% |
| 2 | गोपिनाथ हरपाल | 33,69232.4% | |
| 3 | अच्युतानंद बिस्वाल निर्दलीय | निर्दलीय | 10,3109.9% |
| 4 | सुरेश कुमार कुशल | 3,7973.6% | |
| 5 | देबराज सेठ निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7843.6% |
| 6 | जयसिंह नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3802.3% |
| 7 | प्रकाश हरपाल | 2,3002.2% | |
| 8 | जगदीश सुना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7011.6% |
| 9 | दारासिंह कुंभार SJP(R) | SJP(R) | 1,1621.1% |
| 10 | प्रेमराज बारिक निर्दलीय | निर्दलीय | 9930.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोनपुर से कौन जीता, 1974–2004
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.6% से घटकर 42.3% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 45.7% से बढ़कर 70.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJD ने जीती।
- 1974दौलत बाघ (SWA), जीत का अंतर 7.4%
- 1977देबराज सेठ (JNP), जीत का अंतर 4.2%
- 1980धनेश्वर कुंभार (INC(I)), जीत का अंतर 50.9%
- 1985अच्युत बिस्वाल (INC), जीत का अंतर 44.6%
- 1990कुंदूरु कुशल (JD), जीत का अंतर 26.1%
- 1995कुंदूरु कुशल (JD), जीत का अंतर 9.9%
- 2000कुंदूरु कुशल (BJD), जीत का अंतर 7.9%
- 2004बिनोद पात्र (INC), जीत का अंतर 0.6%