सागरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
श्रीमती सुधा जैन एडवोकेट (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 47.8% वोट पाकर सागर सीट जीती और प्रेमनारायण मिश्रा (INC) को 3,847 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 39 महाराजपुर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 39 रहली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। श्रीमती सुधा जैन एडवोकेट 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीमती सुधा जैन एडवोकेट NDA | NDA | 38,25947.8% |
| 2 | प्रेमनारायण मिश्रा | 34,41243.0% | |
| 3 | डॉ. आशिक अली | 2,5763.2% | |
| 4 | खेमराज दाऊ कुशवाहा | 2,5403.2% | |
| 5 | केशव भाई माधवजी पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7112.1% |
| 6 | जितेन्द्र उर्फ़ जीतू नमन निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.2% |
| 7 | हेमन्त तिवारी LS | LS | 1750.2% |
| 8 | पं भुवनेश्वर प्रसाद शास्त्री SSJP | SSJP | 1190.1% |
| 9 | सुधा पटेल AD | AD | 820.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और SP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सागर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.1% से बढ़कर 47.8% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 59.8% से घटकर 49.1% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977शिवकुमार ज्वालाप्रसाद (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1980शिवकुमार ज्वालाप्रसाद (INC(I)), जीत का अंतर 42.1%
- 1985प्रकाश मोतीलाल जैन (INC), जीत का अंतर 43.8%
- 1990प्रकाश मोतीलाल जैन (INC), जीत का अंतर 15.1%
- 1993सुधा जैन (BJP), जीत का अंतर 0.8%
- 1998श्रीमती सुधा जैन एडवोकेट (BJP), जीत का अंतर 4.8%
- 2003श्रीमती सुधा जैन (BJP), जीत का अंतर 8.1%