सागरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
श्रीमती सुधा जैन (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर सागर सीट जीती और डॉ. सुशील तिवारी (INC) को 8,524 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 39 महाराजपुर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 39 रहली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीमती सुधा जैन NDA | NDA | 50,35648.1% |
| 2 | डॉ. सुशील तिवारी | 41,83240.0% | |
| 3 | सुरेन्द्र सुहाने | 8,1137.8% | |
| 4 | सुजीत समैया सपना मैचिंग निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0741.0% |
| 5 | मुन्ना ठेकेदार निर्दलीय | निर्दलीय | 8400.8% |
| 6 | अनिल रैकवार RVNP | RVNP | 6010.6% |
| 7 | डॉ. प्रकाश जैन | 5760.6% | |
| 8 | गोविन्द पटेल | 5570.5% | |
| 9 | भाई सहादत शाह निर्दलीय | निर्दलीय | 3070.3% |
| 10 | मुंशी देवेन्द्र कुमार जैन मासाब निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.2% |
| 11 | इसरायल निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सागर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1993 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 48.1%। मतदान प्रतिशत 1998 के 49.1% से बढ़कर 61.6% हो गया।
- 1977शिवकुमार ज्वालाप्रसाद (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1980शिवकुमार ज्वालाप्रसाद (INC(I)), जीत का अंतर 42.1%
- 1985प्रकाश मोतीलाल जैन (INC), जीत का अंतर 43.8%
- 1990प्रकाश मोतीलाल जैन (INC), जीत का अंतर 15.1%
- 1993सुधा जैन (BJP), जीत का अंतर 0.8%
- 1998श्रीमती सुधा जैन एडवोकेट (BJP), जीत का अंतर 4.8%
- 2003श्रीमती सुधा जैन (BJP), जीत का अंतर 8.1%