शाढ़ौराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
गोपीलाल (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर शाढ़ौरा सीट जीती और खुशाल चन्द अहिरवार (INC) को 14,047 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 32 निवाड़ी थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 32 अशोकनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गोपीलाल 22.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपीलाल NDA | NDA | 30,86849.7% |
| 2 | खुशाल चन्द अहिरवार | 16,82127.1% | |
| 3 | कोमल प्रसाद अहिरवार | 7,51012.1% | |
| 4 | रमेश चन्द शेंडो निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1883.5% |
| 5 | डॉ. गंगाराम अमरोद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0203.3% |
| 6 | तुरसीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 9431.5% |
| 7 | मान मोहन पन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 8921.4% |
| 8 | देवेन्द्र कुमार | 8471.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाढ़ौरा से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.0% से बढ़कर 49.7% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 49.4% से घटकर 48.9% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।