सैलानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
प्रभुदयाल गेहलोत (निर्दलीय) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 40.1% वोट पाकर सैलाना सीट जीती और भेरूसिंह डामर (JD) को 14,679 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 311 नहीं थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 311 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रभुदयाल गेहलोत 17.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रभुदयाल गेहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 33,54440.1% |
| 2 | भेरूसिंह डामर | 18,86522.6% | |
| 3 | लाहलिंग देवड़ा | 14,35517.2% | |
| 4 | हेमचंद डामर NDA | NDA | 13,42516.1% |
| 5 | रायचंद भाई रकमजी डोडियार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5211.8% |
| 6 | बाबूलाल मैड़ा AJBP | AJBP | 7210.9% |
| 7 | कचरू निनाभा | 5750.7% | |
| 8 | ओंकार सिंह डोडियार | 5540.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सैलाना से कौन जीता, 1977–1998
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1993 के 61.9% से बढ़कर 65.4% हो गया।