सैलानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
लाहलिंग देवड़ा (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 27.6% वोट पाकर सैलाना सीट जीती और भेरू सिंह देमार (JD) को 1,543 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 311 नहीं थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 311 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। लाहलिंग देवड़ा 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाहलिंग देवड़ा | 20,27927.6% | |
| 2 | भेरू सिंह देमार जनता दल | जनता दल | 18,73625.6% |
| 3 | बाबूलाल मैड़ा | 17,29323.6% | |
| 4 | प्रभुदयाल गेहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 14,16019.3% |
| 5 | विजय कुमार चारेल समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2,0012.7% |
| 6 | नंदराम मालीवाल | 3160.4% | |
| 7 | लल्लू | 2940.4% | |
| 8 | ओंकार | 2550.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सैलाना से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 56.5% से बढ़कर 61.9% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।