इंदौर-Vविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
सत्यनारायण पटेल (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 53.4% वोट पाकर इंदौर-V सीट जीती और भंवरसिंह शेखावत (BJP) को 10,835 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 274 बड़वानी थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 274 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्यनारायण पटेल | 74,48353.4% | |
| 2 | भंवरसिंह शेखावत NDA | NDA | 63,64845.6% |
| 3 | अजय यादव | 3000.2% | |
| 4 | संग्रामसिंह लक्ष्मणसिंह | 2480.2% | |
| 5 | श्रीमती रेखा सोलंकी निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.1% |
| 6 | नागेश्वर प्रसाद द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
| 7 | मोहम्मद फ़रीद-उद्दीन कुरैशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 8 | दिनेश प्रजापत निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 9 | प्रकाश रांका | 1270.1% | |
| 10 | गोपीचंद्र वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 520.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंदौर-V से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.7% से घटकर 52.9% रह गया।