ब्यावराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
बलराम सिंह गुजर (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 43.0% वोट पाकर ब्यावरा सीट जीती और बद्रीलाल यादव (BJP) को 6,532 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 251 इंदौर I थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 251 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बलराम सिंह गुजर | 28,12743.0% | |
| 2 | बद्रीलाल यादव NDA | NDA | 21,59533.0% |
| 3 | कुसुमकांत मित्तल निर्दलीय | निर्दलीय | 7,75511.8% |
| 4 | नवल सिंह दांगी | 3,1504.8% | |
| 5 | घीसालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0944.7% |
| 6 | अनोखीलाल वर्मा AJBP | AJBP | 8221.3% |
| 7 | मान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4570.7% |
| 8 | चौधरी बलवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.4% |
| 9 | तुलसीराम भगतराज निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 10 | गोविन्द प्रसाद शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 300.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ब्यावरा से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 54.0% से बढ़कर 55.6% हो गया।