ब्यावराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
बद्रीलाल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर ब्यावरा सीट जीती और कुसुम कान्त (INC) को 4,910 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 251 इंदौर I थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 251 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बद्रीलाल | 26,46444.0% | |
| 2 | कुसुम कान्त | 21,55435.8% | |
| 3 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7,77112.9% |
| 4 | जालम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2162.0% |
| 5 | दौलत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0471.7% |
| 6 | चगुमल | 7251.2% | |
| 7 | राकेश कुमार | 5390.9% | |
| 8 | बलवीर सिंह | 3150.5% | |
| 9 | अमरचन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.3% |
| 10 | बिहारीलाल KMGR | KMGR | 1700.3% |
| 11 | पन्नालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ब्यावरा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 49.0% से बढ़कर 54.0% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।