इछावरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
करण सिंह वर्मा (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 37.5% वोट पाकर इछावर सीट जीती और बलवीर तोमर (निर्दलीय) को 7,378 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 235 सारंगपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 235 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करण सिंह वर्मा NDA | NDA | 28,70337.5% |
| 2 | बलवीर तोमर निर्दलीय | निर्दलीय | 21,32527.9% |
| 3 | राधा किशन | 18,27723.9% | |
| 4 | लीलाकिशन मेवाड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 5,1036.7% |
| 5 | देवकीनंदन खत्री AJBP | AJBP | 1,2241.6% |
| 6 | लखनलाल मालवीय निर्दलीय | निर्दलीय | 9601.3% |
| 7 | असगर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 5450.7% |
| 8 | डॉ. यशवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3830.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इछावर से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.9% से घटकर 37.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 64.3% से बढ़कर 67.0% हो गया।