इछावरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
करण सिंह वर्मा (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 57.9% वोट पाकर इछावर सीट जीती और अजीज कुरेशी (INC) को 16,969 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 235 सारंगपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 235 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — करण सिंह वर्मा 23.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करण सिंह वर्मा | 41,38857.9% | |
| 2 | अजीज कुरेशी | 24,41934.2% | |
| 3 | कुंवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2354.5% |
| 4 | गंगा राम | 7601.1% | |
| 5 | भागीरथ | 7211.0% | |
| 6 | नन्द किशोर जनता दल | जनता दल | 6620.9% |
| 7 | दलदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.3% |
| 8 | महंत महावीर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इछावर से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 57.9%। मतदान प्रतिशत 1990 के 54.6% से बढ़कर 64.3% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।