आमलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
हीरा चन्द चंदेलकर (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 41.7% वोट पाकर आमला सीट जीती और चैतराम मानेकर (INC) को 657 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 233 ब्यावरा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 233 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
आमला का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 657 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हीरा चन्द चंदेलकर NDA | NDA | 18,36941.7% |
| 2 | चैतराम मानेकर | 17,71240.2% | |
| 3 | आजाद चन्द्रशेखर पंडोले (समाजसेवी) निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0076.8% |
| 4 | नामदेव नागले अधिवक्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8234.1% |
| 5 | रामचरण अतुलकर | 1,7624.0% | |
| 6 | मीरा छिपने | 5631.3% | |
| 7 | वामनराव पारधी निर्दलीय | निर्दलीय | 4781.1% |
| 8 | उदयराम खडसे SDP(MP) | SDP(MP) | 3480.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आमला से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 42.4% से बढ़कर 43.4% हो गया।