आमलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
कन्हैयालाल ढोलेकर (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 43.5% वोट पाकर आमला सीट जीती और बेचनराम (INC) को 1,648 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 233 ब्यावरा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 233 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कन्हैयालाल ढोलेकर | 9,89443.5% | |
| 2 | बेचनराम | 8,24636.3% | |
| 3 | पंजाबराव सोनारे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0164.5% |
| 4 | छिंध्यू निर्दलीय | निर्दलीय | 9404.1% |
| 5 | गुलाबराव भालेकर निर्दलीय | निर्दलीय | 9044.0% |
| 6 | मारोतीराव सीताराम वामनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 7523.3% |
| 7 | मलूक चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 5502.4% |
| 8 | राजकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.7% |
| 9 | एस. एम. पंडोले निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.7% |
| 10 | पक्षीराज ए. तुलकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आमला से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 28.6% से बढ़कर 34.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।