भाटापाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
शिवरतन शर्मा (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 42.7% वोट पाकर भाटापारा सीट जीती और राधेश्याम शर्मा (INC) को 11,422 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 132 चित्रकोट थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 132 पिपरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवरतन शर्मा NDA | NDA | 35,93842.7% |
| 2 | राधेश्याम शर्मा | 24,51629.1% | |
| 3 | सतीश अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 12,04614.3% |
| 4 | देवीनबाई नेताम | 5,0166.0% | |
| 5 | बिसौहाराम साहू | 3,5624.2% | |
| 6 | कैलाश गजाधर मिश्रा | 1,4411.7% | |
| 7 | मोतीराम देवांगन निर्दलीय | निर्दलीय | 4750.6% |
| 8 | कुम्भज वर्मा AD | AD | 4420.5% |
| 9 | चन्द्रशेखर पुलस्तय निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.3% |
| 10 | रोहिणी बाई वर्मा CSP | CSP | 2280.3% |
| 11 | प्रणीता पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भाटापारा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 63.1% से घटकर 62.1% रह गया।