सारंगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
डॉ. छबिलाल रात्रे (BSP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 33.5% वोट पाकर सारंगढ़ सीट जीती और सखाराम मल्होत्रा (INC) को 1,849 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 106 मालखरौदा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 106 जबलपुर मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। डॉ. छबिलाल रात्रे 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. छबिलाल रात्रे | 24,55233.5% | |
| 2 | सखाराम मल्होत्रा | 22,70331.0% | |
| 3 | शमशेर सिंह NDA | NDA | 16,30822.3% |
| 4 | हुलास राम मनहर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5583.5% |
| 5 | शिब प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7782.4% |
| 6 | धानका CSP | CSP | 1,2511.7% |
| 7 | छेदीलाल | 1,1331.6% | |
| 8 | छबिलाल/रघु निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1011.5% |
| 9 | घुराऊ निर्दलीय | निर्दलीय | 8751.2% |
| 10 | बोलीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 8241.1% |
| 11 | खिलेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सारंगढ़ से कौन जीता, 1977–1998
BSP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 66.0% से घटकर 60.4% रह गया।