सुरखीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
भूपेन्द्र सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर सुरखी सीट जीती और विठ्ठलभाई लल्लूभाई पटेल (INC) को 6,009 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 40 लौंडी थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 40 नरयावली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भूपेन्द्र सिंह | 36,76748.0% | |
| 2 | विठ्ठलभाई लल्लूभाई पटेल | 30,75840.1% | |
| 3 | लक्ष्मीनारायण यादव जनता दल | जनता दल | 6,6658.7% |
| 4 | चन्द्र राम | 1,4291.9% | |
| 5 | काशीराम | 5310.7% | |
| 6 | भागवत समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 4550.6% |
| 7 | अर्जुन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JD को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुरखी से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 63.7% से बढ़कर 70.0% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977लक्ष्मीनारायण यादव (JNP), जीत का अंतर 9.2%
- 1980बिट्ठल भाई लल्लूभाई (INC(I)), जीत का अंतर 21.8%
- 1985विठ्ठल भाई पटेल (INC), जीत का अंतर 17.0%
- 1990लक्ष्मी नारायण यादव (JD), जीत का अंतर 18.5%
- 1993भूपेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 7.8%
- 1998भूपेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.2%
- 2003गोविन्द सिंह राजपूत (INC), जीत का अंतर 12.8%