थांदलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
कांतीलाल भूरिया (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 55.3% वोट पाकर थांदला सीट जीती और दिलीप कटारा (BJP) को 17,666 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 308 नहीं थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 308 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कांतीलाल भूरिया 28.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कांतीलाल भूरिया | 34,17855.3% | |
| 2 | दिलीप कटारा | 16,51226.7% | |
| 3 | मन्नाजी जनता दल | जनता दल | 8,70414.1% |
| 4 | किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 9971.6% |
| 5 | बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7761.3% |
| 6 | बेंडिटिक कमालिया | 5160.8% | |
| 7 | हरीश मावी | 1240.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और JD को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थांदला से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.9% से बढ़कर 55.3% हो गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 42.3% से बढ़कर 55.3% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।