थांदलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
कांतीलाल भूरिया (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 53.0% वोट पाकर थांदला सीट जीती और नानजीभाई (JNP(SC)) को 5,704 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 308 नहीं थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 308 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कांतीलाल भूरिया 21.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कांतीलाल भूरिया | 13,91653.0% | |
| 2 | नानजीभाई JNP(SC) | JNP(SC) | 8,21231.2% |
| 3 | रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5009.5% |
| 4 | कालुसिंग भगत | 5502.1% | |
| 5 | रुमाल सिंह टीटा भूरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4421.7% |
| 6 | कोदर निर्दलीय | निर्दलीय | 4031.5% |
| 7 | वीर सिंह परमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2601.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), JNP(SC) और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थांदला से कौन जीता, 1977–1998
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 44.1% से घटकर 41.3% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।