मुलताईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
पी.आर. बोडखे (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 36.5% वोट पाकर मुलताई सीट जीती और मनीराम बरंगे (BJP) को 2,329 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 228 बैरसिया थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 228 मंदसौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। पी.आर. बोडखे 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी.आर. बोडखे निर्दलीय | निर्दलीय | 19,77036.5% |
| 2 | मनीराम बरंगे | 17,44132.1% | |
| 3 | अशोक कड़वे | 13,46624.8% | |
| 4 | भिमराव BRP | BRP | 1,7603.2% |
| 5 | शेषराव नागले निर्दलीय | निर्दलीय | 7631.4% |
| 6 | भोलाराम मोरले निर्दलीय | निर्दलीय | 3900.7% |
| 7 | दिलीप कुमार अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.6% |
| 8 | सहदेव शेमेकर वकील जनता दल | जनता दल | 3090.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुलताई से कौन जीता, 1977–1998
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1990 के 51.0% से बढ़कर 59.5% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।