जबलपुर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
अंचल सोनकर (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 45.5% वोट पाकर जबलपुर पूर्व सीट जीती और अच्छेलाल सोनकर (INC) को 6,729 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 195 लखनादौन थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 195 नेपानगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अंचल सोनकर | 26,87945.5% | |
| 2 | अच्छेलाल सोनकर | 20,15034.1% | |
| 3 | जगदीश उसेरवर्षे | 10,31317.5% | |
| 4 | पादुरंद ग्याकवाड | 4820.8% | |
| 5 | अरविन्द पैगवार निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.6% |
| 6 | गीता निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.5% |
| 7 | दिलीप बेल निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.4% |
| 8 | शिवलाल चौशान बाल्मीकी निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.2% |
| 9 | रमेश चन्द्र | 1260.2% | |
| 10 | दूध नाथ सोनकर | 800.1% | |
| 11 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जबलपुर पूर्व से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 43.8% से बढ़कर 55.7% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।