लांजीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
दिलीप भटेरे (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 43.0% वोट पाकर लांजी सीट जीती और नर्बदा प्रसाद (INC) को 622 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 178 बड़वारा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 178 देपालपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लांजी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 622 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिलीप भटेरे | 29,19743.0% | |
| 2 | नर्बदा प्रसाद | 28,57542.1% | |
| 3 | ताराचंद कररहे | 3,9415.8% | |
| 4 | किशोर समरिते जनता दल | जनता दल | 3,4545.1% |
| 5 | वेंकटध अनवाले निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8162.7% |
| 6 | धनीराम लिंबाजी खोब्रागडे निर्दलीय | निर्दलीय | 4830.7% |
| 7 | रघुनाथ (तटधारी) | 3210.5% | |
| 8 | कुंवर नागदेवे निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लांजी से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1990 जितना ही रहा: 68.7%। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।