देपालपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
मनोज निर्भय सिंह पटेल (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 50.1% वोट पाकर देपालपुर सीट जीती और सत्यनारायण पटेल (INC) को 6,920 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 178 लांजी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 178 पंधाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनोज निर्भय सिंह पटेल NDA | NDA | 64,63950.1% |
| 2 | सत्यनारायण पटेल | 57,71944.8% | |
| 3 | सोहनलाल भगवान सिंह झिंजोरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7251.3% |
| 4 | मुकेश त्रिपाठी | 1,4691.1% | |
| 5 | दिनेश सुद्रास | 1,1300.9% | |
| 6 | संतोष सिसोदिया निर्दलीय | निर्दलीय | 6670.5% |
| 7 | गजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.4% |
| 8 | रामचरण (पटेल) | 4790.4% | |
| 9 | भारत सिंह पटेल | 3200.3% | |
| 10 | शिवराज सिंह परमार NDA | NDA | 2630.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।