खातेगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
किंकर नर्मदा प्रसाद (BJP) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर खातेगांव सीट जीती और सुभद्रा जोशी (INC(I)) को 5,965 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 280 कुक्षी थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 280 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — किंकर नर्मदा प्रसाद 15.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किंकर नर्मदा प्रसाद | 17,37545.6% | |
| 2 | सुभद्रा जोशी | 11,41029.9% | |
| 3 | बाबूलाल गोपी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5509.3% |
| 4 | कचरूलाल आचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6276.9% |
| 5 | तेज सिंह राणा खड़ग सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 9632.5% |
| 6 | अमर सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7311.9% |
| 7 | चंद्रगोपाल प्यारेलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6501.7% |
| 8 | भौरसिंह मुकुंदरा निर्दलीय | निर्दलीय | 4191.1% |
| 9 | राम प्रसाद सदाशिव निर्दलीय | निर्दलीय | 3941.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खातेगांव से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 58.0% से घटकर 53.1% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।