इंदौर-Iविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1980
एस. सत्तन (BJP) ने 1980 के विधान सभा उपचुनाव में 50.5% वोट पाकर इंदौर-I सीट जीती और के. शुक्ला (INC(I)) को 4,191 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 270 धूलकोट थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 270 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. सत्तन | 20,61850.5% | |
| 2 | के. शुक्ला | 16,42740.3% | |
| 3 | ए.एस. हाड़ा | 2,1535.3% | |
| 4 | आर. पाटोदी JNP(JP) | JNP(JP) | 9852.4% |
| 5 | एन. इंक़लाबगांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.6% |
| 6 | के.सी. व्यास निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.4% |
| 7 | ए.के. पहलवान निर्दलीय | निर्दलीय | 920.2% |
| 8 | वाई. नसरुल्लाखान निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 9 | जे.के.आर. श्री निर्दलीय | निर्दलीय | 330.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC(I) और CPI को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।