मावप्रेमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
मानस चौधुरी (निर्दलीय) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 52.2% वोट पाकर मावप्रेम सीट जीती और बिनोद कु. जोशी (INC) को 2,678 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 21 डिएंगलिएंग थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 21 नोंगथिम्मई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मानस चौधुरी 17.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मानस चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 7,83352.2% |
| 2 | बिनोद कु. जोशी UPA | UPA | 5,15534.4% |
| 3 | विजय राय NDA | NDA | 1,66811.1% |
| 4 | संतर सन नोंगरुम निर्दलीय | निर्दलीय | 1851.2% |
| 5 | रोजर एल.डी. सियेमलिएह NDA | NDA | 1681.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.09 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मावप्रेम से कौन जीता, 1978–2008
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट NCP से छीन ली, जिसने इसे 2003 में जीता था। यह 1988 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2003 के 51.5% से बढ़कर 79.8% हो गया।