रिम्बाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
साइमन सियांगशाई (HPU) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 51.6% वोट पाकर रिम्बाई सीट जीती और ओबिल क्यांडाइट (AHLC(AM)) को 5,596 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 2 नोंगतालांग थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 2 जोवाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — साइमन सियांगशाई 22.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साइमन सियांगशाई HPU | HPU | 12,81451.6% |
| 2 | ओबिल क्यांडाइट AHLC(AM) | AHLC(AM) | 7,21829.1% |
| 3 | फरंग रिम्बाई | 2,64310.6% | |
| 4 | कोरिंथ स्वेर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5436.2% |
| 5 | सवांग लामुरोंग निर्दलीय | निर्दलीय | 3511.4% |
| 6 | डोरिनरॉय क्सिह निर्दलीय | निर्दलीय | 2691.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
HPU, AHLC(AM) और INC को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रिम्बाई से कौन जीता, 1978–2008
HPU ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1988 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह HPU की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1988 के 89.6% से घटकर 85.7% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट UDP ने जीती।