रिम्बाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1988
साइमन सियांगशाई (निर्दलीय) ने 1988 के विधान सभा चुनाव में 26.2% वोट पाकर रिम्बाई सीट जीती और ओबिल किंडियाट (निर्दलीय) को 649 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 2 नोंगतालांग थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 2 जोवाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। साइमन सियांगशाई 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साइमन सियांगशाई निर्दलीय | निर्दलीय | 3,86926.2% |
| 2 | ओबिल किंडियाट निर्दलीय | निर्दलीय | 3,22021.8% |
| 3 | कम्फर्टर दखार HPD | HPD | 2,86519.4% |
| 4 | एच. एटली सिंह सिएह HPU | HPU | 1,79812.2% |
| 5 | पर्लीओन रिम्बाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4389.7% |
| 6 | निहोन क्सिह | 1,1607.8% | |
| 7 | डोरिनरॉय क्सिह निर्दलीय | निर्दलीय | 4252.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रिम्बाई से कौन जीता, 1978–2008
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट AHL से छीन ली, जिसने इसे 1983 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1983 के 73.2% से बढ़कर 89.6% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट HPU ने जीती।