पिंथोरुमख्राविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
जेम्स मार्वन परियत (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर पिंथोरुमख्रा सीट जीती और ब्रामा प्रकाश (BJP) को 2,582 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 मावहाटी थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 18 पश्चिम शिलांग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जेम्स मार्वन परियत 18.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जेम्स मार्वन परियत | 6,36845.0% | |
| 2 | ब्रामा प्रकाश | 3,78626.8% | |
| 3 | ए.एल. हेक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,75819.5% |
| 4 | ई. ब्रेमली लिंगदोह HPU | HPU | 6804.8% |
| 5 | बी. मस्सार निर्दलीय | निर्दलीय | 4062.9% |
| 6 | बिमोलेंदु के. देब राय वाम दल | वाम दल | 1140.8% |
| 7 | अल्फ्रेड लिंगदोह निर्दलीय | निर्दलीय | 210.1% |
| 8 | आर. जेस्पिटर शुल्लई निर्दलीय | निर्दलीय | 200.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिंथोरुमख्रा से कौन जीता, 1978–2008
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1988 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1983 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1988 के 71.8% से घटकर 67.4% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।