पिंथोरुमख्राविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
बी.के. राय (INC) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर पिंथोरुमख्रा सीट जीती और जेम्स मार्विन परियत (निर्दलीय) को 1,025 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 मावहाटी थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 18 पश्चिम शिलांग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी.के. राय कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 2,99337.1% |
| 2 | जेम्स मार्विन परियत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,96824.4% |
| 3 | लोहित रंजन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,12213.9% |
| 4 | बिनयेंद्र नारायण राय चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8029.9% |
| 5 | रॉबिन्सन के. तोंगवाह निर्दलीय | निर्दलीय | 7869.8% |
| 6 | बी.पी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2292.8% |
| 7 | दल बहादुर गुरुंग निर्दलीय | निर्दलीय | 971.2% |
| 8 | इवांडलीन मस्सार निर्दलीय | निर्दलीय | 590.7% |
| 9 | सुजीत कु. धर निर्दलीय | निर्दलीय | 90.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिंथोरुमख्रा से कौन जीता, 1978–2008
INC ने 1978 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 28.7% से बढ़कर 37.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1978 के 62.1% से बढ़कर 64.7% हो गया। इसके बाद 1988 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।