जायावविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1988
पी. रिपल किंडिया (INC) ने 1988 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर जायाव सीट जीती और ए.एच. स्कॉट लिंगदोह (HPU) को 888 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 19 सोहरिंगखम थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 19 दक्षिण शिलांग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी. रिपल किंडिया | 3,91840.0% | |
| 2 | ए.एच. स्कॉट लिंगदोह HPU | HPU | 3,03030.9% |
| 3 | सैन माणिक जिरवा HPD | HPD | 2,85829.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, HPU और HPD को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जायाव से कौन जीता, 1978–2008
INC ने यह सीट AHL से छीन ली, जिसने इसे 1983 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1983 के 68.0% से बढ़कर 68.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट HPU ने जीती।
- 1978पी. रिपल किंडिया (AHL), जीत का अंतर 7.0%
- 1983पी. रिपल किंडिया (AHL), जीत का अंतर 10.6%
- 1988पी. रिपल किंडिया (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1993ए.एच. स्कॉट लिंगदोह (HPU), जीत का अंतर 34.6%
- 1998ए.एच. स्कॉट लिंगदोह (UDP), जीत का अंतर 21.1%
- 2003श्री पाल लिंगदोह (KHNAM), जीत का अंतर 35.0%
- 2008पाल लिंगदोह (KHNAM), जीत का अंतर 53.2%