जायावविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
पी. रिपल किंडिया (AHL) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 44.9% वोट पाकर जायाव सीट जीती और सैन माणिक जिरवा (HPD) को 964 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 19 सोहरिंगखम थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 19 दक्षिण शिलांग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी. रिपल किंडिया AHL | AHL | 4,10244.9% |
| 2 | सैन माणिक जिरवा HPD | HPD | 3,13834.4% |
| 3 | माया आर. किंडिया कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 1,89220.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AHL, HPD और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जायाव से कौन जीता, 1978–2008
AHL ने 1978 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 32.1% से बढ़कर 44.9% हो गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1978 जितना ही रहा: 68.0%। इसके बाद 1988 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978पी. रिपल किंडिया (AHL), जीत का अंतर 7.0%
- 1983पी. रिपल किंडिया (AHL), जीत का अंतर 10.6%
- 1988पी. रिपल किंडिया (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1993ए.एच. स्कॉट लिंगदोह (HPU), जीत का अंतर 34.6%
- 1998ए.एच. स्कॉट लिंगदोह (UDP), जीत का अंतर 21.1%
- 2003श्री पाल लिंगदोह (KHNAM), जीत का अंतर 35.0%
- 2008पाल लिंगदोह (KHNAM), जीत का अंतर 53.2%