मावखारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
कोरबार सिंह (AHL) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 32.5% वोट पाकर मावखार सीट जीती और डब्ल्यू. हम्फ्री डोली सिंगकोन (INC) को 276 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 20 नोंगक्रेम थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 20 मिल्लियम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कोरबार सिंह AHL | AHL | 1,77232.5% |
| 2 | डब्ल्यू. हम्फ्री डोली सिंगकोन कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 1,49627.4% |
| 3 | ई. शेरसिंह जिरवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,14621.0% |
| 4 | हार्डिंग एल. मस्सार HPD | HPD | 3526.5% |
| 5 | नेविल रूफस लैटफ्लांग निर्दलीय | निर्दलीय | 3326.1% |
| 6 | पॉलिंगटन पिर्तुह निर्दलीय | निर्दलीय | 2534.6% |
| 7 | डालिंगटन डिम्पेप वाम दल | वाम दल | 971.8% |
| 8 | हरि नारायण चौखनाई निर्दलीय | निर्दलीय | 120.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मावखार से कौन जीता, 1978–2008
AHL ने 1978 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.6% से बढ़कर 32.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1978 के 66.8% से घटकर 63.0% रह गया। इसके बाद 1988 के चुनाव में यह सीट HPU ने जीती।