मावखारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1978
डी. डी. पुघ (AHL) ने 1978 के विधान सभा चुनाव में 30.6% वोट पाकर मावखार सीट जीती और ई. शेर सिंह जिरवा (HPD) को 453 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 20 नोंगक्रेम थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 20 मिल्लियम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. डी. पुघ AHL | AHL | 1,73030.6% |
| 2 | ई. शेर सिंह जिरवा HPD | HPD | 1,27722.6% |
| 3 | अजरा सिंह खोंगफाई | 1,15020.4% | |
| 4 | राम निवास चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5589.9% |
| 5 | लोंद्रोनाथ मारबनियांग निर्दलीय | निर्दलीय | 4197.4% |
| 6 | एम्ब्रोस बी. एम. राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3947.0% |
| 7 | हमले गैनर्ले राय परियत INC | INC | 1182.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मावखार से कौन जीता, 1978–2008
इसके बाद 1983 के चुनाव में भी AHL ने यह सीट अपने पास रखी।