गोरेगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
सुभाष देसाई (SHS) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर गोरेगांव सीट जीती और शरद राव (JD) को 595 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 42 अंधेरी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 42 अचलपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गोरेगांव का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 595 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुभाष देसाई | 47,02141.4% | |
| 2 | शरद राव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 46,42640.9% |
| 3 | इन्दुमती पटेल | 18,41316.2% | |
| 4 | चौहान चन्द्रेश प्रभुनाथ LKD(B) | LKD(B) | 8770.8% |
| 5 | पुजारी विश्वनाथ बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 4410.4% |
| 6 | पटेल महमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.1% |
| 7 | लालजी शादेव शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 8 | भुसारी शंकर लक्ष्मण निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 9 | जगदीशप्रसाद लालताप्रसाद तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
| 10 | सुनील बालकृष्ण चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 11 | तुकाराम दलवी निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SHS, JD और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोरेगांव से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह SHS की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 49.5% से बढ़कर 54.5% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978सामन्त पद्माकर बालकृष्ण (JNP), जीत का अंतर 48.4%
- 1980सी. एम. शर्मा (INC(I)), जीत का अंतर 2.9%
- 1985गोरे मृणाल केशव (JNP), जीत का अंतर 14.1%
- 1990सुभाष देसाई (SHS), जीत का अंतर 0.5%
- 1995काले नंदकुमार दामोधर (SHS), जीत का अंतर 15.7%
- 1999नंदकुमार काले (SHS), जीत का अंतर 35.0%
- 2004सुभाष देसाई (SHS), जीत का अंतर 6.9%