दादरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मनोहर गजानन जोशी (SHS) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 55.0% वोट पाकर दादर सीट जीती और भाऊराव पाटिल (INC) को 23,250 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 32 वरली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 32 मूर्तिजापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मनोहर गजानन जोशी 26.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनोहर गजानन जोशी | 47,61755.0% | |
| 2 | भाऊराव पाटिल | 24,36728.1% | |
| 3 | जयवंत पाटिल वाम दल | वाम दल | 13,44015.5% |
| 4 | उत्तमकुमार वी. पानस्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 4610.5% |
| 5 | सुधन्वा एन. पडतारे | 1640.2% | |
| 6 | मधु देशमुख SYP | SYP | 1540.2% |
| 7 | प्रभा आर. चित्रे निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 8 | रामशिरोमणि गुप्ता | 990.1% | |
| 9 | यादव अनिल गोपिनाथ | 950.1% | |
| 10 | विवेकानंद रमाकांत राव निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SHS, INC और CPM को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दादर से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह SHS की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 55.1% से बढ़कर 63.1% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978हेमचंद्र शंकर गुप्ते (JNP), जीत का अंतर 27.0%
- 1980ठाकुर शरयू गोविन्द (INC(I)), जीत का अंतर 6.6%
- 1985शरयू जी. ठाकुर (INC), जीत का अंतर 4.9%
- 1990मनोहर गजानन जोशी (SHS), जीत का अंतर 26.9%
- 1995मनोहर गजानन जोशी (SHS), जीत का अंतर 44.6%
- 1999विशाखा राऊत (SHS), जीत का अंतर 19.5%
- 2004सदा सर्वांकर (SHS), जीत का अंतर 17.6%