वरलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
शरद शंकर दिघे (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 53.9% वोट पाकर वरली सीट जीती और नलावडे दत्ता (SHS) को 24,874 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 32 मोखाडा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 32 दादर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शरद शंकर दिघे 35.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शरद शंकर दिघे कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 38,00053.9% |
| 2 | नलावडे दत्ता | 13,12618.6% | |
| 3 | मणि शंकर एन. कवठे वाम दल | वाम दल | 6,7859.6% |
| 4 | बापू चन्द्र सेन कांबले निर्दलीय | निर्दलीय | 6,0808.6% |
| 5 | पी. के. कुर्णे वाम दल | वाम दल | 4,1345.9% |
| 6 | आनंदराव रावजी माने RPK | RPK | 1,8252.6% |
| 7 | प्रकाश एच. भोगा | 3320.5% | |
| 8 | मधुसूदन विठ्ठल राणे निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.2% |
| 9 | दत्ताराम देव सावंत निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SHS और CPI को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वरली से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.3% से बढ़कर 53.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 62.9% से बढ़कर 67.8% हो गया।
- 1967एम.एन. बिरजे (INC), जीत का अंतर 6.7%
- 1972शरद शंकर दिघे (INC), जीत का अंतर 35.3%