वरलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
नलावडे दत्ता शंकर (SHS) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 42.6% वोट पाकर वरली सीट जीती और ननावरे वसंत पांडुरंग (INC) को 9,406 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 बायखला थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 30 अकोला पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नलावडे दत्ता शंकर | 31,71842.6% | |
| 2 | ननावरे वसंत पांडुरंग | 22,31230.0% | |
| 3 | विनीता दत्ता सामन्त राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 19,48926.2% |
| 4 | चनानी ओमप्रकाश बृजलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.6% |
| 5 | चव्हाण संभाजीराव भानुदास निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.4% |
| 6 | उपाध्याय बृजबिहारी बृजराज निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.2% |
| 7 | गायकवाड लवेंद्र साहेबराव निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 8 | सीताराम सिंह | 590.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SHS, INC और JD को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वरली से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह SHS की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 60.0% से घटकर 57.8% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978कुरणे प्रल्हाद कृष्णा (CPM), जीत का अंतर 34.7%
- 1980दिघे एस. एस. (INC(I)), जीत का अंतर 20.3%
- 1985विनीता दत्ता सामन्त (IND), जीत का अंतर 10.7%
- 1990नलावडे दत्ता शंकर (SHS), जीत का अंतर 12.6%
- 1995दत्ता नलावडे (SHS), जीत का अंतर 24.8%
- 1999दत्ताजी नलावडे (SHS), जीत का अंतर 17.8%
- 2004नलावडे दत्ताजी शंकर (SHS), जीत का अंतर 13.3%