पेराम्ब्राविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
टी.पी. रामकृष्णन (CPM) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर पेराम्ब्रा सीट जीती और पी.टी. जोसे (KEC(M)) को 2,684 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 21 कुन्नमंगलम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 21 कुट्टियाडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पेराम्ब्रा का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,684 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टी.पी. रामकृष्णन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 66,69548.6% |
| 2 | पी.टी. जोसे यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 64,01146.7% |
| 3 | एन. चोयी मास्टर NDA | NDA | 4,4763.3% |
| 4 | पी.के. प्रियेश कुमार CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,9871.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और KEC(M) को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पेराम्ब्रा से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यहाँ लगातार छठी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.0% से बढ़कर 48.6% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 79.5% से बढ़कर 81.8% हो गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977के. सी. जोसेफ (KEC), जीत का अंतर 1.1%
- 1980वी. वी. दक्षिणामूर्ति (CPM), जीत का अंतर 11.8%
- 1982ए. के. पदमनाभन मास्टर (CPM), जीत का अंतर 8.5%
- 1987ए.के. पदमनाभन (CPM), जीत का अंतर 2.4%
- 1991एन.के. राधा (CPM), जीत का अंतर 3.7%
- 1996एन.के. राधा (CPM), जीत का अंतर 2.2%
- 2001टी.पी. रामकृष्णन (CPM), जीत का अंतर 2.0%
- 2006के. कुन्हम्मद मास्टर (CPM), जीत का अंतर 7.8%