पेराम्ब्राविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
ए.के. पदमनाभन (CPM) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर पेराम्ब्रा सीट जीती और के.ए. देवस्सिया (निर्दलीय) को 2,450 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 21 कुन्नमंगलम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 21 कुट्टियाडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। ए.के. पदमनाभन 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए.के. पदमनाभन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 49,03448.3% |
| 2 | के.ए. देवस्सिया निर्दलीय | निर्दलीय | 46,58445.9% |
| 3 | गंगाधर कुरुप | 4,4774.4% | |
| 4 | के. गोपालन कोमथ निर्दलीय | निर्दलीय | 8950.9% |
| 5 | जोर्ज देवस्सिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.3% |
| 6 | पी.पी. रामकृष्णन निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.2% |
| 7 | अम्मेदकुट्टी हाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पेराम्ब्रा से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.0% से घटकर 48.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 81.4% से बढ़कर 87.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977के. सी. जोसेफ (KEC), जीत का अंतर 1.1%
- 1980वी. वी. दक्षिणामूर्ति (CPM), जीत का अंतर 11.8%
- 1982ए. के. पदमनाभन मास्टर (CPM), जीत का अंतर 8.5%
- 1987ए.के. पदमनाभन (CPM), जीत का अंतर 2.4%
- 1991एन.के. राधा (CPM), जीत का अंतर 3.7%
- 1996एन.के. राधा (CPM), जीत का अंतर 2.2%
- 2001टी.पी. रामकृष्णन (CPM), जीत का अंतर 2.0%
- 2006के. कुन्हम्मद मास्टर (CPM), जीत का अंतर 7.8%