पुतुप्पल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1970
ओमन चांडी (निर्दलीय) ने 1970 के विधान सभा चुनाव में 54.5% वोट पाकर पुतुप्पल्ली सीट जीती और ई. एम. जोर्ज (CPM) को 7,288 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 83 ओट्टप्पालम थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 83 देवीकुलम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ओमन चांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 29,78454.5% |
| 2 | ई. एम. जोर्ज वाम दल | वाम दल | 22,49641.2% |
| 3 | टी. ए. अय्यप्पन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2542.3% |
| 4 | के. आई. अब्राहमइसाक निर्दलीय | निर्दलीय | 4120.8% |
| 5 | गोपालकृष्णन नायर निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.7% |
| 6 | पी. सी. चेरियन | 2760.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और CPM को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुतुप्पल्ली से कौन जीता, 1965–1970
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 77.9% से बढ़कर 78.4% हो गया।