पुतुप्पल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
ई. एम. जोर्ज (CPM) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर पुतुप्पल्ली सीट जीती और पी. सी. चेरियन (INC) को 5,552 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 83 ओट्टप्पालम थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 83 देवीकुलम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ई. एम. जोर्ज वाम दल | वाम दल | 22,58948.5% |
| 2 | पी. सी. चेरियन | 17,03736.6% | |
| 3 | सी. के. मणि | 6,94914.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और KEC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुतुप्पल्ली से कौन जीता, 1965–1970
CPM ने 1965 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.4% से बढ़कर 48.5% हो गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1965 जितना ही रहा: 77.9%। इसके बाद 1970 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।