होसदुर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
एन.के. बालकृष्णन (SSP) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 55.7% वोट पाकर होसदुर्ग सीट जीती और एम.एन. नांबियार (INC) को 9,661 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 3 विलप्पिल थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 3 उदुमा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एन.के. बालकृष्णन 20.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन.के. बालकृष्णन | 25,71755.7% | |
| 2 | एम.एन. नांबियार | 16,05634.8% | |
| 3 | एम.यू. राव Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 4,3849.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SSP और INC को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
होसदुर्ग से कौन जीता, 1965–1970
SSP ने 1965 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.1% से घटकर 55.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 1965 के 74.6% से घटकर 66.9% रह गया। इसके बाद 1970 के चुनाव में यह सीट PSP ने जीती।