आरनमुलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
पी.एन. चंद्रसेनन (SSP) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर आरनमुला सीट जीती और के. वी. नायर (INC) को 2,922 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 101 बडगरा थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 101 अम्बलप्पुझा (अम्बलप्पुऴा) है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
विजेता
6.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी.एन. चंद्रसेनन | 19,66541.4% | |
| 2 | के. वी. नायर | 16,74335.2% | |
| 3 | एम.जी. पिल्लई | 11,13123.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SSP, INC और KEC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आरनमुला से कौन जीता, 1965–1970
SSP ने यह सीट KC से छीन ली, जिसने इसे 1965 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1965 जितना ही रहा: 75.8%। इसके बाद 1970 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।